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हरिद्वार। उत्तराखंड के प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खबर है। मानसून सीजन को देखते हुए 15 जून से राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी सफारी गेट बंद कर दिए गए हैं। अब पर्यटक अगले पांच महीने तक जंगल सफारी और वन्यजीवों का दीदार नहीं कर सकेंगे। पार्क के गेट 15 नवंबर 2026 को दोबारा खोले जाएंगे।

वन विभाग के अनुसार हर साल बारिश के मौसम में पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जाता है। मानसून के दौरान सफारी मार्गों पर जलभराव, कटाव और फिसलन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका रहती है।

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राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां चीला, चिल्लावाली, रानीपुर और मोतीचूर गेट के जरिए जिप्सी सफारी संचालित की जाती है। देश-विदेश से हजारों पर्यटक बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं।

इस वर्ष पर्यटन सत्र में चीला जोन पर्यटकों की पहली पसंद बना रहा। आंकड़ों के अनुसार करीब 20,245 पर्यटकों ने चीला गेट से जंगल सफारी का आनंद लिया। इनमें 19,139 भारतीय और 1,106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वहीं 334 पर्यटकों ने हाथी सफारी का भी लुत्फ उठाया…जिनमें 10 विदेशी सैलानी शामिल थे।

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वन विभाग के मुताबिक इस सीजन में चीला जोन में 5,559 जिप्सियों का प्रवेश दर्ज किया गया। जिप्सी सफारी से लगभग 49.15 लाख रुपये और हाथी सफारी से 3.53 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

चीला रेंज के रेंज अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इस दौरान सफारी ट्रैकों की मरम्मत, रखरखाव और अन्य जरूरी कार्य किए जाएंगे। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए सफारी सेवाएं फिर शुरू कर दी जाएंगी।