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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधम सिंह नगर जिले की चक्की मोड़ शाखा में तैनात रहे उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक जुहेब अहमद की बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने विभागीय जांच को सही माना…लेकिन सेवा से हटाने की सजा को अत्यधिक कठोर बताते हुए मामले में नया निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा कि बैंक अधिकारी की ओर से ऋण संबंधी रिकॉर्ड के रखरखाव में लापरवाही जरूर सामने आई, लेकिन इससे बैंक को किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। साथ ही बाद में संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए थे और उनके खिलाफ गबन या निजी लाभ लेने का कोई आरोप नहीं था। ऐसे में सेवा से बर्खास्त करना उचित नहीं माना जा सकता।

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हाईकोर्ट ने अनुशासनात्मक प्राधिकारी को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी की सेवा अवधि, पूर्व रिकॉर्ड और बैंक को नुकसान न होने जैसे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बर्खास्तगी के बजाय कोई अन्य उचित सजा तय की जाए। इसके लिए आठ सप्ताह के भीतर नया आदेश जारी करने को कहा गया है।

वहीं, हल्द्वानी उप जिला अस्पताल में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोनिका जोशी खर्कवाल की स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तबादला आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि स्थानांतरण सरकारी सेवा का सामान्य हिस्सा है और याचिकाकर्ता लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थीं।

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हालांकि, कोर्ट ने डॉ. मोनिका को राहत देते हुए संबंधित सचिव को 24 घंटे के भीतर ईमेल के माध्यम से अपना प्रत्यावेदन देने की अनुमति दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि इस प्रत्यावेदन पर एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार निर्णय लिया जाए। साथ ही अगले 10 दिनों तक उनकी वर्तमान तैनाती की स्थिति बनाए रखने के आदेश भी दिए गए हैं।