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रुद्रप्रयाग : ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के घोलतीर स्थित पैकेज-8 में मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। घोलतीर, मवाणा, नगरासू और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों प्रभावित ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने रेलवे गेट पर धरना देकर परियोजना का निर्माण कार्य रोक दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुरंग और निर्माण कार्य के कारण कई मकानों, दुकानों, गौशालाओं और आंगनों में दरारें आ गई हैं। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत की व्यवस्था की गई।

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प्रदर्शनकारियों ने मेघा कंपनी और आरवीएनएल पर प्रभावित परिवारों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सर्वे में नाम दर्ज होने के बावजूद कई पात्र परिवारों को अंतिम मुआवजा सूची से बाहर कर दिया गया…जबकि जिनके नाम शामिल हैं…उन्हें भी नुकसान की तुलना में बहुत कम मुआवजा दिया गया है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा ने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराया जाए…छूटे हुए लोगों को मुआवजा दिया जाए और क्षतिग्रस्त भवनों के उपचार की व्यवस्था की जाए।

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शाम को तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि प्रभावित मकानों, दुकानों और अन्य भवनों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नई मुआवजा सूची तैयार की जाएगी।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।