ख़बर शेयर करें -

देहरादून : उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 29 जून से 3 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आगामी 2 जुलाई को प्रदेश के 70 चिन्हित स्थानों पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 जून को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पौड़ी और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 1 और 2 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। 3 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश जिलों में तेज बारिश, गर्जना और बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में संत सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, बोले- संत समाज भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना का आधार

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि संभावित बारिश को देखते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैनात हैं। विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  गंगा स्नान के दौरान गायब हुई 4 महीने की मासूम, 17 दिन बाद खुला ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान!

चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी बारिश के दौरान यात्रा से बचने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के समय पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है…इसलिए मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा करना अधिक सुरक्षित रहेगा।

इसके अलावा मानसून की तैयारियों की समीक्षा के लिए 30 जून को टेबल-टॉप बैठक आयोजित होगी, जबकि 2 जुलाई को पूरे प्रदेश में 70 स्थानों पर मॉक ड्रिल कर विभिन्न एजेंसियों की आपदा से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।