देहरादून। उत्तराखंड में जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बेहतर काम करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों और अन्य लोगों को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर से मिले नामों में से सराहनीय कार्य करने वाले लोगों का चयन किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग वन प्रभागों से कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम सम्मान के लिए भेजे गए थे। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और विभागीय काम में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
सम्मान के लिए वन विभाग के मुख्यालय को अलग-अलग जिलों से कुल 226 नाम प्रस्ताव के रूप में मिले थे। इन नामों की जांच और काम के आधार पर चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अधिकारियों, कर्मचारियों, वन पंचायत से जुड़े लोगों और सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों को सम्मान के लिए चुना गया।
चयन प्रक्रिया के लिए वन मुख्यालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई थी। समिति ने अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए कार्यों को देखते हुए नामों का चयन किया।
सम्मान पाने वालों में वन क्षेत्राधिकारी, वन दरोगा, वन आरक्षी और कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा वन पंचायत के सरपंच, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह और महिला मंगल दल से जुड़े लोगों को भी उनके योगदान के लिए चुना गया है।
नैनीताल, तराई केंद्रीय, टिहरी, नरेंद्रनगर, बदरीनाथ, रामनगर और पिथौरागढ़ समेत कई वन प्रभागों से जुड़े कर्मियों के नाम सम्मान सूची में शामिल हैं।
पिथौरागढ़ वन प्रभाग से वन पंचायत के सरपंचों और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रकाश चंद्र भट्ट, गोपाल बिष्ट, चंदन नयाल और सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार समेत कई नाम शामिल हैं।
इसके साथ ही वन पंचायत और महिला समूहों से जुड़े कुछ लोगों का भी चयन किया गया है। विभाग का मानना है कि जंगलों की सुरक्षा में स्थानीय समुदाय की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, ज्योर्तिमठ की टीम को नंदा देवी जैव विविधता निगरानी अभियान में बेहतर काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान से जुड़े वनकर्मियों ने क्षेत्र में जैव विविधता की निगरानी और संरक्षण से जुड़े कार्य किए।
सूची में वन आरक्षी सोहन सिंह रावत का नाम भी शामिल है, जिन्हें मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा। उनके अलावा अभियान से जुड़े कई अन्य वनकर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
वन विभाग ने केवल अधिकारियों और नियमित कर्मचारियों तक सम्मान को सीमित नहीं रखा है। सराहनीय काम करने वाले दैनिक श्रमिक और फायर वॉचर को भी चयनित किया गया है।
आशीष सजवाण, चिंता लाल और प्रताप सिंह को भी उनके कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक स्तर से चयनित लोगों को सम्मान दिए जाने की तैयारी है।
यह सम्मान जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे लोगों के योगदान को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
