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हरिद्वार : कुंभ बैठक में दिखी अखाड़ों की खींचतान, 9 अखाड़ों के संत पहुंचे एक संत बीच में छोड़कर निकले

हरिद्वार में 2027 कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने की। सभी 13 अखाड़ों के संतों को बुलाया गया था…लेकिन बैठक में केवल 9 अखाड़ों के प्रतिनिधि ही पहुंचे।

बैठक शुरू होते ही आह्वान अखाड़े के महामंत्री सत्य गिरी महाराज सभागार से बाहर चले गए। बताया गया कि आह्वान अखाड़ा निरंजनी गुट के साथ है, जबकि बैठक में महानिर्वाणी गुट से जुड़े संत मौजूद थे। इसी वजह से उन्होंने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

बैठक में महानिर्वाणी, निर्मोही, निर्वाणी, दिगंबर, निर्मल, नया, बड़ा और अटल अखाड़े के संत मौजूद रहे। हाल ही में इन आठ अखाड़ों ने नई अखाड़ा परिषद की कार्यकारिणी बनाने का दावा किया था।

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सत्य गिरी महाराज ने कहा कि फिलहाल कोई मान्य अखाड़ा परिषद नहीं है। उनके अनुसार…परिषद का गठन सभी 13 अखाड़ों की सहमति से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़े एक साथ शाही स्नान करते हैं। जब जूना और अग्नि अखाड़े के संत बैठक में नहीं आए तो उन्होंने भी बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया।

बैठक में कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, डीएम मयूर दीक्षित समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कुंभ मेले की तैयारियों और निर्माण कार्यों की जानकारी दी और संतों से सुझाव भी लिए।

शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि साधु-संतों में किसी तरह की नाराजगी या गुटबाजी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ संत हरिद्वार से बाहर होने के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके। सरकार सभी अखाड़ों के सहयोग और आशीर्वाद से 2027 का कुंभ मेला भव्य और दिव्य बनाने के लिए काम कर रही है।

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महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बैठक में बैरागी अखाड़ों को जमीन आवंटित करने की मांग रखी गई। उन्होंने दावा किया कि सभी अखाड़े एकजुट हैं और अगली बैठक में सभी संत शामिल होंगे।

वहीं निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि आठ अखाड़ों ने मिलकर नई कार्यकारिणी बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2027 का हरिद्वार कुंभ सफल और ऐतिहासिक होगा।

दूसरी ओर…निरंजनी गुट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि साधु-संतों के बीच पदों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कुंभ मेले के आयोजन के लिए सभी 13 अखाड़े सरकार के साथ हैं। उन्होंने मेला प्रशासन से सभी अखाड़ों को समान सम्मान और प्राथमिकता देने की अपील की। क्लिक बैठ हेडलाइन