थराली/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में पुलिस और एसडीआरएफ की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता ने दो लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एक ओर चमोली पुलिस ने लापता महिला को समय रहते खोजकर सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया…वहीं दूसरी ओर एसडीआरएफ ने उफनती नदी के किनारे फंसे एक व्यक्ति का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
व्हाट्सएप मैसेज से बढ़ी चिंता, पुलिस ने तुरंत शुरू की तलाश
थराली क्षेत्र की एक महिला 11 जून को बिना बताए घर से चली गई थी। अगले दिन परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी। इस दौरान महिला का व्हाट्सएप दूसरे मोबाइल में लॉगिन होने के कारण कुछ ऐसे संदेश मिले…जिनसे परिजनों को आशंका हुई कि वह कोई गलत कदम उठा सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने के साथ-साथ संभावित क्षेत्रों में सघन खोज अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने सड़क मार्गों, आसपास के गांवों और नदी किनारों पर भी तलाश शुरू की।
पिंडर नदी किनारे मिली महिला
लगातार प्रयासों के बाद महिला की लोकेशन सिमली क्षेत्र के पास पिंडर नदी किनारे मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो महिला अकेली बैठी रो रही थी और मानसिक तनाव में दिखाई दे रही थी।
पुलिसकर्मियों ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ महिला से बातचीत की। काफी देर तक समझाने और काउंसलिंग करने के बाद महिला को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। बाद में उसे कोतवाली ले जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और परिजनों को सौंप दिया गया।
केदारनाथ मार्ग पर नदी किनारे फंसा व्यक्ति
दूसरी घटना केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सामने आई। शटल पुल के पास एक व्यक्ति नदी के तेज बहाव के बीच चट्टानों के बीच फंस गया था। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण उसकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि व्यक्ति बेहद जोखिम भरे स्थान पर फंसा हुआ है और स्वयं बाहर निकलने में असमर्थ है।
SDRF ने चलाया साहसिक रेस्क्यू अभियान
कठिन परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ के जवानों ने वैकल्पिक और दुर्गम रास्ते से घटनास्थल तक पहुंच बनाई। तेज बहाव, फिसलन भरे रास्तों और चुनौतीपूर्ण हालात के बीच टीम ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बचाए गए व्यक्ति की पहचान बचन सिंह (56 वर्ष), निवासी घनसाली, टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता बनी मिसाल
दोनों घटनाओं में पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई ने संभावित हादसों को टाल दिया। समय रहते किए गए प्रयासों से न केवल लोगों की जान बची…बल्कि यह भी साबित हुआ कि आपदा और संकट के समय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तत्परता से लोगों की मदद के लिए तैयार रहती हैं।
