नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 के चर्चित किच्छा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए तीन आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने अपील लंबित रहने तक तीनों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और गुरचरण सिंह उर्फ बंटी की जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए उनकी सजा के क्रियान्वयन को निलंबित कर दिया। निचली अदालत ने तीनों को हत्या, हत्या के प्रयास, साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मामला 3 मई 2018 का है…जब किच्छा बाईपास पर एक कार्यालय के बाहर खड़े लोगों पर बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में समीर की गोली लगने से मौत हो गई थी…जबकि अन्य लोग बाल-बाल बच गए थे। मामले को जमीन विवाद से जोड़कर देखा गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि मामले के मुख्य गवाह के बयानों में कई विरोधाभास हैं। अदालत ने अपील पर अंतिम सुनवाई तक सजा पर रोक लगाते हुए आरोपियों को जमानत देने का फैसला सुनाया।
वहीं एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए हत्या मामले के मुख्य आरोपी शमशेर अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि इसी मामले में पांच अन्य दोषियों को राहत देते हुए उनकी सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया है।
लक्सर में हुए इस मामले में मामूली विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई थी…जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। निचली अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पांच दोषियों को अंतरिम राहत दी…जबकि मुख्य आरोपी को जेल में ही रहने के आदेश दिए।
