रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के प्रसिद्ध मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आज भी जान जोखिम में डालकर मधु गंगा नदी पार करनी पड़ रही है। बनातोली में बन रहा झूला पुल अब तक पूरा नहीं हो पाया है…जिसके कारण लोग ट्रॉली और अस्थायी व्यवस्था के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।
बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर अस्थायी पुल बह जाता है। ऐसे में ट्रॉली ही नदी पार करने का एकमात्र साधन बचता है। सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रॉली के दोनों ओर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद यहां स्थायी झूला पुल की जरूरत महसूस की गई थी। पुल का निर्माण शुरू तो हुआ…लेकिन कई साल बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और तीर्थयात्रियों को हर साल मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के दावों के बावजूद इस महत्वपूर्ण यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है। उनका कहना है कि यदि झूला पुल समय पर बन जाता…तो लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा नहीं करनी पड़ती।वहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से जल्द पुल निर्माण पूरा करने की मांग की है।
उनका कहना है कि सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण का काम जारी है…लेकिन बारिश और नदी का बढ़ा जलस्तर निर्माण सामग्री पहुंचाने में बाधा बन रहा है। विभाग का कहना है कि बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा किया जाएगा।
