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देहरादून। उत्तराखंड में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दौरान कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

कुछ आपत्तियों में यह कहा गया है कि संबंधित मतदाता अब उस स्थान पर नहीं रहता। ऐसे मामलों में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

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अगर किसी मतदाता को बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-10 का नोटिस मिलता है तो उसे गंभीरता से लेना जरूरी है। मतदाता को सुनवाई के दौरान ERO या AERO के सामने अपना पक्ष रखना होगा और अपने निवास से संबंधित प्रमाण देने होंगे।

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अगर ERO मतदाता के जवाब और दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो नियमानुसार मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है। इसलिए नोटिस मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर जवाब देना जरूरी है।