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देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले एक बड़े गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को रुद्रपुर क्षेत्र से पकड़ा गया है। जांच में सामने आया है कि उसके बैंक खाते में फर्जी हथियार लाइसेंस के कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान Sadanand Sharma के रूप में हुई है…जो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का रहने वाला है। आरोपी पहले भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ शाहजहांपुर और गाजियाबाद में भी मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

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जानकारी के मुताबिक, बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में ट्रांसफर होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद काशीपुर में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई। इसी जांच के दौरान अब तक कई फर्जी लाइसेंस, 14 अवैध हथियार और 355 जिंदा कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।

एसटीएफ का दावा है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर लाइसेंस तैयार कराता था। जांच में यह भी पता चला है कि कई लोगों से लाइसेंस बनवाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई थी।

अधिकारियों के अनुसार आरोपी के बैंक खातों की जांच में करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। इस धनराशि को फर्जी लाइसेंस तैयार करने के नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।

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एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

एसटीएफ अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस है तो वह स्वयं इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें। फर्जी लाइसेंस या अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।