देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य श्रमिकों, किसानों, छात्रों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है।
कैबिनेट ने फैसला किया कि अब संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा। ओवरटाइम करने पर कर्मचारियों को दोगुना भुगतान मिलेगा और महिला-पुरुष दोनों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा।
सरकार ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसे सामान्य वर्ग के लोगों के लिए भी खोल दिया है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को दो पशुओं तक खरीदने पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकेगी।
बैठक में हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए करीब 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं उत्तराखंड के पहले राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली।
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली लागू करने का फैसला लिया है। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपने की प्रक्रिया भी आसान बनाई गई है।
इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौते को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में वन विकास निगम सेवा नियमों में संशोधन, जीएसटी संशोधन अध्यादेश, ईको टूरिज्म को बढ़ावा, सहकारी समिति नियमों में बदलाव और औद्योगिक संबंध नियमावली समेत कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में रोजगार, विकास, श्रमिक कल्याण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
