देहरादून। उत्तराखंड सरकार की ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ के तहत प्रदेश के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। वर्ष 2023 से अब तक इस योजना के माध्यम से 123 युवाओं का विभिन्न देशों में चयन किया जा चुका है।
योजना के तहत अब तक 30 युवाओं को सऊदी अरब, 65 को जापान और 1 युवती को जर्मनी में नौकरी मिली है। हाल ही में 27 युवाओं का चयन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हॉस्पिटैलिटी और होटल मैनेजमेंट क्षेत्र के लिए हुआ है, जिनकी प्रक्रिया जारी है।
भाषा प्रशिक्षण से बढ़ रहे अवसर
युवाओं को विदेश में रोजगार के लिए तैयार करने के लिए जर्मन और जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेवायोजन कार्यालय में रोजाना कक्षाएं चल रही हैं, जबकि बागेश्वर और अल्मोड़ा में ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं।
प्रत्येक बैच में 20 से 30 युवा आठ महीने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस दौरान उन्हें भाषा के साथ-साथ विदेश में काम करने के लिए जरूरी कौशल भी सिखाया जा रहा है।
सरकार दे रही आर्थिक सहायता
इस प्रशिक्षण की कुल फीस 64 हजार रुपये है, जिसमें सरकार 20 प्रतिशत अनुदान दे रही है। यदि कोई अभ्यर्थी ऋण लेकर प्रशिक्षण करता है तो उस पर 75 प्रतिशत ब्याज भी सरकार वहन कर रही है। जर्मन भाषा का प्रशिक्षण आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए निशुल्क रखा गया है।
इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को सहसपुर स्थित छात्रावास में रहने और खाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
युवाओं की सफलता बनी प्रेरणा
योजना के तहत जर्मन भाषा सीखकर जर्मनी में नर्स के पद पर चयनित सपना राणा आज अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। उनका मासिक वेतन लगभग 3.30 लाख रुपये है। उन्होंने सरकार और विभाग का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर है।
विभाग का लक्ष्य
सेवायोजन विभाग के अनुसार अब तक 100 से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार मिल चुका है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार से जोड़ना है।
