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नैनीताल ::- बुद्धं शरणं गच्छामि। धर्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि । महात्मा बुद्ध ने दुनिया को शांति, करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया । बुद्ध पूर्णिमा को बैशाख पूर्णिमा तथा कूर्मावतार जयन्ती के रूप में भी मनाते है ।भगवान विष्णु को देवताओं के मंगल के लिए कच्छपावतार रूप करना पड़ा। आज के दिन भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति हुई । आज ही के दिन कुशीनगर में महापरिनिर्वाण हुआ। आज का दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म भी माना जाता हैं उनका जन्म स्थान लुम्बिनी में है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों का मुख्य पर्व आज वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। आज के दिन बौद्ध धर्म के लोग भगवान गौतम की प्रतिमा के पास दीपक जलाकर कर मोम वत्ती भी जलाते हैं ताकि ज्ञान का प्रकाश फैल सके ।भगवान बुद्ध के उपदेश सुनकर आनंदित होकर विश्व शान्ति की प्रार्थना करते हैं। पूर्णिमा मानव को शान्ति का सन्देश देती है। शास्त्रों में आत्मोन्नति का सर्वोत्तम उपाय व्रत बताया गया है, इसीलिए मन की शान्ति के लिए पूर्णिमा का व्रत उपवास सबसे अच्छा साधन है। आज के आंशिक चंद्रग्रहण भी है।हम सब भगवान बुद्ध के शांति मार्ग पर चले तथा विश्व शांति हो मानव उन्नति करे ये महत्वपूर्ण संदेश है अजका।

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