देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच में हो रही कथित देरी को लेकर गुरुवार को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़े लोगों ने जांच की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए मामले में जल्द कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग की।
भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सीबीआई कार्यालय पहुंचे और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिला प्रदर्शनकारी दूसरे प्रवेश द्वार तक पहुंचीं और वहां प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों और सीबीआई अधिकारियों के बीच वार्ता भी हुई। मंच की ओर से जांच की वर्तमान स्थिति, उसकी प्रगति और आगे की कार्रवाई को लेकर कई सवाल रखे गए।
संघर्ष मंच के सदस्यों का कहना है कि मामले की सीबीआई जांच शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं…लेकिन अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उनका आरोप है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अब तक कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए कि कथित वीआईपी की भूमिका की जांच कहां तक पहुंची, रिजॉर्ट परिसर में संभावित साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाने के मामले में क्या कार्रवाई हुई और पीड़िता के परिजनों से अब तक विस्तृत पूछताछ क्यों नहीं की गई।
महिला प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मांग की कि सीबीआई जल्द से जल्द जांच पूरी कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
