बागेश्वर: उत्तराखंड में सक्रिय मानसून का असर बागेश्वर जिले में लगातार देखने को मिल रहा है। कई दिनों से हो रही बारिश के कारण जिले में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा है। बुधवार सुबह तक जिले की 14 मोटर सड़कें बंद रहीं…जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित किया। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया।
लगातार बारिश के चलते गोमती और सरयू नदियों में सिल्ट की मात्रा बढ़ गई है। इससे कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है…जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिले के कांडा-रावतसेरा-बसपाठन, खातीगांव-कपूरी, चौंरा-भैरू, जैसर-रियूनी-लखमार, कठपुड़ियाछीना, बघर, सूपी-हरकोट, सीरी, खड़लेख-भनार और बूंगा समेत कई मोटर मार्ग मलबा आने के कारण बंद हैं। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों की मदद से सड़कों को खोलने में जुटी हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित विभागों को बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही यातायात सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार गरुड़ क्षेत्र में सबसे अधिक 60 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बागेश्वर में 25 मिमी और कपकोट में 32 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसतन 39 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर पहाड़ी मार्गों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
