देहरादून (विकासनगर): सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में हुई हिंसक घटना के बाद पूरा इलाका कई दिनों से तनाव में है। शनिवार से शुरू हुआ विवाद रविवार और सोमवार को आगजनी, पथराव और प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत खेतों में पानी देने को लेकर हुई। शनिवार को विनोद और उनके भाई खेत में पानी डाल रहे थे…तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने धारदार और भारी हथियारों से हमला कर दिया…जिसमें विनोद कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विनोद भाजपा से जुड़े युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।
गांव में भड़का तनाव
घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
हालात बिगड़ने पर कई जगह पथराव, नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
स्थिति को संभालने के लिए सहसपुर, विकासनगर, सेलाकुई और कालसी थानों की पुलिस के साथ PAC तैनात की गई।
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है…जबकि बाकी की तलाश जारी है।
बुलडोजर एक्शन और तोड़फोड़
तनाव के बीच प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की। गांव में स्थित कुछ दुकानों और संरचनाओं को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।
इस कार्रवाई के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया और कुछ जगहों पर फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
सड़क जाम और हंगामा
प्रदर्शनकारियों ने चकराता रोड पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस लगातार लोगों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने में जुटी रही।
पुलिस का बयान
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति अभी भी संवेदनशील
फिलहाल बैरागीवाला गांव में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके।
