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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले हृदय रोगियों के लिए अच्छी खबर है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कैथ लैब (कैथेटराइजेशन लैब) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके शुरू होने के बाद अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और आसपास के जिलों के मरीजों को हृदय संबंधी गंभीर उपचार के लिए हल्द्वानी या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

अब तक पहाड़ी क्षेत्रों में कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। कई बार अस्पताल पहुंचने में देरी होने से मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती थी। नई सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

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कैथ लैब शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और हृदय से जुड़ी कई आधुनिक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे गंभीर मरीजों का इलाज तेजी से हो सकेगा और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान बचाने की संभावना भी बढ़ेगी।

इसके साथ ही अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक बर्न सेंटर भी शुरू किया जा रहा है। इस केंद्र में आग या अन्य हादसों में झुलसे मरीजों का आधुनिक तकनीक से उपचार किया जाएगा। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने नजदीक मिल सकेंगी और बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कैथ लैब और बर्न सेंटर जैसी सुविधाएं शुरू होने से कुमाऊं मंडल की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। वहीं हल्द्वानी में भी नई कैथ लैब तैयार की जा रही है, जिससे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।