देहरादून: उत्तराखंड की कई सरकारी वेबसाइटें हाल ही में मैलवेयर की चपेट में आ गईं, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए उनकी सेवाएं रोकनी पड़ीं। सूचना मिलते ही आईटीडीए (ITDA) की साइबर सुरक्षा टीम सक्रिय हुई और तकनीकी जांच के बाद अधिकांश वेबसाइटों को करीब दो घंटे के भीतर फिर से चालू कर दिया गया।
प्रभावित वेबसाइटों में मुख्यमंत्री राहत कोष, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राज्य कर विभाग और अन्य सरकारी पोर्टल शामिल थे। एहतियात के तौर पर इन वेबसाइटों को अस्थायी रूप से बंद किया गया…ताकि किसी प्रकार की डेटा सुरक्षा से जुड़ी समस्या न हो।
आईटीडीए के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के स्टेट डाटा सेंटर और सरकारी डिजिटल नेटवर्क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में साइबर हमलों के प्रयास होते हैं। आधुनिक साइबर सुरक्षा प्रणाली अधिकांश हमलों को समय रहते रोक देती है। इस मामले में भी संदिग्ध मैलवेयर गतिविधि का पता लगते ही प्रभावित सर्वर को अलग कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच में सामने आया कि समस्या सीमित दायरे तक ही रही और किसी सरकारी पोर्टल से डेटा चोरी या डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई। आवश्यक सुधार के बाद सभी सेवाओं को सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार किसी भी पोर्टल को बैकअप से रीस्टोर करने की जरूरत नहीं पड़ी।
प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि मैलवेयर का स्रोत विदेश से हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है…और विशेषज्ञ पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य साइबर हमलों का सामना कर चुका है। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था…लेकिन हालिया घटना के बाद सरकारी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
