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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन मतदाताओं के आवेदन में जानकारी अधूरी मिली है या रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया है उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम बरकरार रखने पर निर्णय लिया जाएगा।

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अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाना है। इसके तहत दोहरी प्रविष्टियों को हटाने और प्रत्येक मतदाता का रिकॉर्ड सही तरीके से सत्यापित करने का काम किया जा रहा है।

जिन आवेदनों में आवश्यक जानकारी अधूरी पाई गई है या पुराने रिकॉर्ड से उनका मिलान नहीं हो सका है उन मामलों में संबंधित मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि 10 अगस्त को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित कार्यालयों में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। समय पर आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले मतदाताओं के दावों की जांच कर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

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सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, सरकारी पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पेंशन दस्तावेज, भूमि या मकान आवंटन पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य मान्य दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। विभाग ने लोगों से अपील की है कि नोटिस मिलने पर निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी करें।