रुद्रपुर/किच्छा। उत्तराखंड में क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्रियों को भरकर चल रही निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऊधम सिंह नगर में लगातार तीसरे दिन हुई चेकिंग में कई बसों में तय क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री मिले।
किच्छा में करीब 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में लगभग 110 यात्री पाए गए। वहीं लालपुर में 30 स्लीपर क्षमता वाली बस में 103 और एक अन्य बस में 168 यात्री मिले। कार्रवाई के दौरान बसों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ कुछ वाहनों को सीज भी किया गया।
किच्छा में टनकपुर से लुधियाना जा रही निजी बस को परिवहन विभाग की टीम ने जांच के लिए रोका। बस की क्षमता करीब 50 यात्रियों की थी….लेकिन जांच में लगभग 110 यात्री सवार मिले।
यात्रियों ने बताया कि बस में काफी भीड़ थी और एक सीट पर कई लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा था। महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवहन विभाग ने बस का 1.07 लाख रुपये से अधिक का चालान किया। साथ ही परमिट और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
लालपुर क्षेत्र में एक अन्य बस की जांच में स्थिति और ज्यादा चौंकाने वाली मिली। लखीमपुर खीरी से पंजाब जा रही इस बस की क्षमता 30 स्लीपर और एक सीट की थी…लेकिन जांच के दौरान 138 वयस्क और 30 बच्चे समेत कुल 168 यात्री मिले।
जांच में ओवरलोडिंग के अलावा परमिट और टैक्स से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके बाद बस को सीज कर दिया गया।
लालपुर टोल के पास एक अन्य बस में भी क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्री मिले। 30 स्लीपर क्षमता वाली इस बस में 103 यात्री सवार थे। परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बस को सीज किया और करीब 1.34 लाख रुपये का चालान किया।
बसों पर कार्रवाई के बाद यात्रियों को परेशानी न हो…इसके लिए परिवहन निगम की ओर से वैकल्पिक बसों की व्यवस्था कर उन्हें आगे भेजा गया।
लगातार तीन दिनों में कई ओवरलोड बसें पकड़े जाने के बाद परिवहन व्यवस्था पर सवाल भी उठ रहे हैं। सवाल यह है कि दूसरे राज्यों से क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को लेकर चलने वाली बसें रास्ते में बिना जांच के इतनी दूर तक कैसे पहुंच रही हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि ओवरलोड और नियमों का उल्लंघन करने वाली निजी बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। यात्रियों से भी अपील की गई है कि क्षमता से ज्यादा सवारी ले जाने वाली बसों में सफर करने से बचें।
