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हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में चार महीने की बच्ची के अपहरण मामले का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक दंपति और उनके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के संभल निवासी एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आया था। परिवार रात में विष्णु घाट क्षेत्र में ठहरा हुआ था। सुबह जब परिवार की नींद खुली तो उनकी चार महीने की बच्ची गायब थी। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला..जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और कई लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध महिला और पुरुष दिखाई दिए…जो बच्ची के गायब होने के समय क्षेत्र में मौजूद थे।

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लगातार तकनीकी जांच और निगरानी के बाद पुलिस को पता चला कि संदिग्ध दंपति हरिद्वार से बस के जरिए उत्तर प्रदेश की ओर रवाना हुए थे। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों और यात्रा मार्गों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान जांच में एक व्यक्ति का नाम सामने आया…जो हरिद्वार में झोपड़ी बनाकर रहता था और कथित तौर पर झाड़-फूंक का काम करता था।

पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को भी पकड़ लिया। उनके पास से चोरी की गई चार महीने की बच्ची सुरक्षित बरामद कर ली गई।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दंपति आर्थिक लालच में बच्चा चोरी करने की योजना में शामिल हुए थे। भीड़भाड़ वाले घाट क्षेत्र में उन्होंने सो रहे परिवार के बीच से मासूम को उठा लिया। बाद में उन्हें पता चला कि जिस बच्चे को वे लड़का समझकर ले गए थे…वह लड़की है।

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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बच्ची को किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने या बेचने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें दबोच लिया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं।

मासूम बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार की गई मेहनत से बच्ची को सुरक्षित बचाया जा सका।