खटीमा। खटीमा में बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कॉन्ट्रेक्ट लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही को घटना का जिम्मेदार बताया है।
जानकारी के अनुसार लाइनमैन रंजीत अपने साथियों के साथ एक ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचा था। कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार कंट्रोल रूम से शटडाउन लेने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। साथी कर्मचारियों का दावा है कि शटडाउन मिलने की सूचना के बाद ही रंजीत पोल पर चढ़ा था।
बताया जा रहा है कि जैसे ही रंजीत ने फ्यूज पर काम शुरू किया…अचानक लाइन में करंट आ गया और वह उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया…लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान मृतक के परिवार और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि सही तरीके से शटडाउन सुनिश्चित किया गया होता तो यह हादसा नहीं होता।
ठेकेदार पक्ष से जुड़े कर्मचारियों ने भी शटडाउन प्रक्रिया में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं होने के कारण यह दुर्घटना हुई।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक भुवन कापड़ी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
