देहरादून। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी जिलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की निगरानी और जांच के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थान, छात्रावास, निजी शिक्षण संस्थान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग सेंटर और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच होगी।
निरीक्षण के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों की स्थिति, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा, आपदा प्रबंधन योजना, मॉक ड्रिल और कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां भी सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा…वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी भी संस्थान को जांच से बाहर नहीं रखा जाएगा।
अभियान के दूसरे चरण में मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, बैंक्वेट हॉल, सिनेमा हॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। इन स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों का आकलन किया जाएगा।
सरकार ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट शासन और पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा…बल्कि सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
