हरिद्वार: साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ बड़े अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के नाम का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हरिद्वार में जिला जज की फोटो लगाकर एक फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाने और उसके जरिए लोगों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला न्यायालय प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने सिडकुल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, अपर जिला जज लक्सर की ओर से कुछ WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट उपलब्ध कराए गए थे। इन चैट में एक WhatsApp अकाउंट पर जिला जज की फोटो लगी थी और उस अकाउंट से लोगों से पैसों की मांग की जा रही थी।
जांच में पता चला कि जिस नंबर से मैसेज भेजे जा रहे थे…वह जिला जज का नंबर नहीं है। जिला जज की ओर से भी किसी व्यक्ति को इस तरह पैसे मांगने वाला कोई संदेश नहीं भेजा गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने पुलिस से शिकायत कर फर्जी अकाउंट बनाने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस को शिकायत के साथ WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट भी दिए गए हैं।
सिडकुल कोतवाली प्रभारी अजय शाह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस WhatsApp नंबर, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
हरिद्वार में इससे पहले भी साइबर ठगों द्वारा अधिकारियों की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के मामले सामने आ चुके हैं ठग इन फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों का भरोसा जीतने और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी अधिकारी या परिचित के नाम से WhatsApp या सोशल मीडिया पर पैसे मांगने का संदेश आए तो बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें और संदिग्ध अकाउंट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
