देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने पार्टी के नेता आशुतोष नेगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया है…इसके साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।
पार्टी की ओर से बताया गया है कि आशुतोष नेगी को पहले भी संगठन को लेकर नसीहत दी गई थी इसके बावजूद पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। निष्कासन की यह कार्रवाई छह महीने के लिए की गई है।
पहले केंद्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाया गया था
आशुतोष नेगी के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे करीब दो महीने पहले यूकेडी ने उन्हें केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद से भी हटा दिया था पार्टी की ओर से जारी पत्र में उन्हें केंद्रीय उपाध्यक्ष समेत अन्य जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने की जानकारी दी गई थी।
अब पार्टी से निष्कासन के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इसे अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। बताया जा रहा है…कि आशुतोष नेगी आगामी विधानसभा चुनाव में रायपुर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
पार्टी में सक्रिय नेता रहे हैं आशुतोष नेगी
आशुतोष नेगी यूकेडी के सक्रिय और मुखर नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वह कई मुद्दों को लेकर सड़क पर आंदोलन करते हुए भी नजर आए हैं। पार्टी से निष्कासन के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम पर भी लोगों की नजर रहेगी।
1979 में हुई थी यूकेडी की स्थापना
उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना 25 जुलाई 1979 को हुई थी। यह उत्तराखंड की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों में से एक है और राज्य आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पार्टी का मुख्य जोर उत्तराखंड के विकास, स्थानीय लोगों के अधिकारों और क्षेत्र की संस्कृति के संरक्षण पर रहा है।
हालांकि राज्य बनने के बाद यूकेडी का चुनावी प्रभाव लगातार कम हुआ और पार्टी सीमित सीटों तक सिमट गई। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर हुए इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
