देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पौड़ी सांसद अनिल बलूनी, महेंद्र पांडेय और आलोक भट्ट शामिल हैं।
सबसे खास बात यह है कि अनिल बलूनी को लगातार तीसरी बार भाजपा का राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने एक बार फिर उनके अनुभव और मीडिया प्रबंधन की क्षमता पर भरोसा जताया है।
पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी लंबे समय से भाजपा के केंद्रीय मीडिया प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। उन्हें पहली बार वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की टीम में राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली थी।
इसके बाद जेपी नड्डा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय टीम में भी बलूनी ने इसी पद की जिम्मेदारी संभाली। अब नितिन नवीन की नई टीम में भी उन्हें राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है। इस तरह वह करीब नौ वर्षों से भाजपा के केंद्रीय मीडिया प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जिम्मेदारी मिलने के बाद अनिल बलूनी ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने पार्टी की विचारधारा और नीतियों को देशभर में प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार और समन्वित प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने मीडिया प्रबंधन को और अधिक प्रोफेशनल और तकनीकी** बनाने पर भी जोर दिया…ताकि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी का संदेश स्पष्ट तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सके।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में बलूनी को मिली जिम्मेदारी को आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2027 में उत्तराखंड समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे में पार्टी के मीडिया और संचार तंत्र को मजबूत करना राष्ट्रीय नेतृत्व की प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है। बलूनी के अनुभव का इस्तेमाल पार्टी के चुनावी और नीतिगत संवाद में किया जा सकता है।
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड से चार नेताओं को जिम्मेदारी मिलना प्रदेश संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है…जबकि अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा महेंद्र पांडेय और आलोक भट्ट को भी राष्ट्रीय टीम में स्थान दिया गया है। इससे राष्ट्रीय संगठन में उत्तराखंड की भागीदारी और मजबूत हुई है।
