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हरिद्वार। हरिद्वार की एक अदालत ने नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामला श्यामपुर थाना क्षेत्र का है। आरोप था कि पिता लंबे समय से अपनी नाबालिग बेटी का मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहा था। पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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शिकायत के अनुसार एक रात आरोपी ने घर में सो रही बेटी के साथ गलत हरकत करने और दुष्कर्म का प्रयास किया। बेटी के विरोध और शोर मचाने पर उसकी मां मौके पर पहुंची और उसे बचाया। विरोध करने पर आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा…जहां सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कई गवाहों और साक्ष्यों को पेश किया।

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सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना और 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अदालत के इस फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इसे न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है।