हल्द्वानी: कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली से पहले एसएसपी कार्यालय में हुए हंगामे को लेकर हल्द्वानी में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने देर रात कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेताओं पर पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। बीजेपी ने पूरे मामले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अनुचित बताया।
रैली से पहले एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे कांग्रेस कार्यकर्ता
हल्द्वानी में 8 अगस्त को कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली आयोजित की गई थी। रैली शुरू होने से पहले ही मामला गरमा गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंच गए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पुलिस प्रशासन ने उनके कार्यकर्ताओं से भरे वाहनों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इसी मुद्दे को लेकर एसएसपी कार्यालय में विरोध और हंगामा हुआ।
बीजेपी ने देर रात किया प्रदर्शन
घटना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। देर रात कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पुतला जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के कार्यक्रम में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंची…जिसके बाद पार्टी नेताओं ने इसके लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों से व्यवहार पर उठाए सवाल
मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार डब्बू ने एसएसपी कार्यालय में हुए घटनाक्रम की आलोचना की। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों को अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो लोग भविष्य में सरकार चलाने की बात करते हैं उनसे अधिकारियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद की जाती है।
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने भी जताई नाराजगी
बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने भी पूरे मामले की निंदा की। उन्होंने कहा कि जिले के पुलिस कप्तान के लिए आपत्तिजनक या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है।
बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस घटना को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और युवाओं में नाराजगी है।
फिलहाल एसएसपी कार्यालय में हुए इस घटनाक्रम को लेकर हल्द्वानी की राजनीति गरमा गई है और बीजेपी-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
