गैरसैंण : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में जमीन बिक्री का मामला एक बार फिर चर्चा में है…इस बार गांव के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी पुश्तैनी जमीन बिना उसकी सहमति के बेच दी गई। उसने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत करने वाले ग्रामीण का कहना है कि जिस जमीन का सौदा किया गया…उसमें उसका भी हिस्सा था। उनका आरोप है…कि जमीन बेचते समय सभी हिस्सेदारों की अनुमति नहीं ली गई और नियमों का पालन किए बिना रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है तहसीलदार के अनुसार, जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा…जिसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी सारकोट में 35 नाली जमीन की बिक्री को लेकर विवाद सामने आया था। उस मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने एक जांच समिति बनाई थी…जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि तहसील से सभी जरूरी तथ्य मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि जमीन की खरीद-बिक्री नियमों के अनुसार हुई या नहीं।
गौरतलब है कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू होने के बावजूद कई इलाकों में जमीन खरीद-बिक्री को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। सारकोट का मामला भी अब प्रशासन की जांच के दायरे में है।
