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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के थानो क्षेत्र स्थित जामा मस्जिद से जुड़े निर्माण विवाद मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने मस्जिद कमेटी की याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित प्राधिकरण को नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मामला उस आदेश से जुड़ा था…जिसमें मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कथित अनधिकृत निर्माण को सील करने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुनवाई के दौरान एमडीडीए की ओर से अदालत को बताया गया कि निर्माण के नियमितीकरण के लिए पहले आवेदन किया गया था…लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया था। प्राधिकरण का कहना था कि भूमि स्वामित्व और अन्य जरूरी अभिलेखों की कमी के चलते आवेदन पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जा सका।

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अदालत में यह भी बताया गया कि यदि सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ नया आवेदन प्रस्तुत किया जाता है…तो उस पर कानून के अनुसार दोबारा विचार किया जा सकता है। इस पर मस्जिद कमेटी की ओर से भी सहमति जताई गई और आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने की बात कही गई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित प्राधिकरण एक सप्ताह के भीतर आवश्यक दस्तावेजों और आपत्तियों की सूची लिखित रूप में उपलब्ध कराए। इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा नया आवेदन जमा करने पर तीन महीने के भीतर नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाए।

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अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष के पास भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार के समक्ष आवेदन करने का विकल्प भी खुला रहेगा।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब मामला आवश्यक दस्तावेजों और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने पर आगे बढ़ेगा।