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नैनीताल – क्या आप गर्मी में नींबू पानी के शौकीन हैं या जायके में हरी मिर्च लेना पसंद करते हैं.. तो ये स्वाद आजकल फीका हो गया है। नवरात्र के साथ पड़े रमजान में महंगाई की मार जनता पर पड़ रही है।

नवरात्र और रमजान में जनता महंगाई से त्रस्त है। नैनीताल के बाजारों में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं तो कोई भी सब्जी 60 रुपये किलो से कम नहीं है। हालात ये है कि गर्मी में नींबू पानी से गला तर करना इतना मुश्किल है कि 300 रुपये किलो पार नींबू के रेट पहुंच गए हैं तो सब्जी के साथ फ्री मिर्च मांगने वाले भी मिर्च का रेट देख शर्मिंदा हैं। वहीं भिंडी तुरई ने शतक लगाया है तो लौकी बीन और करेला 60 से 80 रुपये किलो है। अब किचन का बिगड़े बजट से सब परेशान हैं तो होटल रेस्टोरेंट मालिक भी महंगाई से दोहरा नुकसान झेलने की बात कर रहे हैं। सब्जी खरिदने बाजार आई शीला सिंह कहती है कि घर चलाना मुश्किल हैं सब्जी के साथ राशन गैंस सब महंगी हो गई है और ऐसे में कैसे घर चलेगा चिंता बनी हुई है। शीला कहती हैं कि पहले 1000 रुपये में घर चल जाता था लेकिन अब इतने में सब्जी ही नहीं आती है। वहीं रेस्टोरेंट मालिक मयंक टंड़न कहते हैं कि नीबू मिर्च इतना ज्यादा महंगा है कि रेस्टोरेंट में रखना भी मुश्किल हो रहा है ग्राहक स्लाद में इनकी मांग कर रहा है लेकिन देना भी होगा महंगा खरिदने के बाद सस्ता देना पड़ रहा है दोनों तरफ से नुकसान हो रहा है।

सिर्फ सब्जी ही नहीं बल्कि फलों के दाम भी नवरात्र और रमजान में तेज हो गए है. नैनीताल के बाजार में अंगूर 100 रुपये किलो हैं तो अनार सेव 140 रुपये किलो के आसपास बना हुआ है तो अन्य फलों का स्वाद भी फिका है पपीता 60 और तरबूज भी 40 से 50 रुपये किलो बिक रहा है।। हांलाकि त्योहारी सीजन में पड़ी मार पर एक्सपर्ट बालम भण्डारी कहते हैं कि आने वाले दिनों में भी महंगाई बनी रहेगी पहाड़ी खेती में कुछ हो नहीं रहा और निर्भर पूरी तरह से तराई से हो गए हैं रमजान के चलते व्यापारी नहीं आ रहा है जितना माल मंड़ी आ रहा है उससे पूर्ती होना संभव नहीं है ऐसे में राहत मिलना मुश्किल है।

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