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बोर्ड बैठक में चुंगी और पार्किंग का लिया था फैसला…

25 मार्च के फैसले को निरस्त करने के साथ पुराने ठेकेदारों से 1 लाख प्रतिदिन वसूली की कोर्ट से मांग..

नैनीताल – नैनीताल नगरपालिका बोर्ड की मनमानी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है,हाई कोर्ट की एकलपीठ ने पालिका को नोटिस दिया है और पूरे मामले की सुनवाई अब सोमवार को होगी|
दरअसल अमरोहा के अजय कुमार ने याचिका दाखिल कर कहा है कि पालिका ने बिना टेंडर के चुंगी पार्किंग का मनमानी से 20 प्रतिशत बढ़कर पुराने ठेकेदार को दे दिया जो गलत है। याचिका में कहा गया है कि इससे राजस्व का नुकसान सरकार को हुआ है क्योंकि कई लोग 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर टेंडर में प्रतिभाग करते जिसका सीधा फायदा सरकार को होता। याचिका में कहा गया कि ये उन लोगों के अधिकारों का भी हनन है जो इसमें प्रतिभाग करना चाहते हैं। आपको बतादें को नैनीताल पालिका बोर्ड ने 25 मार्च 2022 को बोर्ड बैठक में निर्णय लिया था कि 20 प्रतिशत बढ़ाकर पुराने ठेकेदार को दिया जाएगा।
याचिका में 25 मार्च के आदेश पर रोक लगाने के साथ टेंडर प्रक्रिया करने की मांग की है। कोर्ट से मांग की है कि ठेका तत्काल पुराने ठेकेदार से वापस नगर पालिका ले और 1 अप्रैल से 1 लाख प्रतिदिन के हिसाब से लिया जाय। याचिका में नगर पालिका,बीड़ी पांडे पार्किंग ठेकेदार नरदेव शर्मा,फ्लैट्स मैदान पार्किंग संचालक सचिन कुमार,लेक ब्रिज ठेकेदार उमेश मिश्रा को पक्षकार बनाया है।

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