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रोहिंग्या और बांग्लादेशी भी नैनीताल में होने का शक..
डीआईजी कुमाऊँ ने कहा हम हैं चिंतित करेंगे कार्रवाई…

नैनीताल – पिछले कुछ सालों में नैनीताल की डेमोग्राफी जिस तरह से बदली है और विशेष समुदाय के लोगों का सरकारी जमीनों पर कब्जा हुआ है वो चिंता पैदा कर रहा है। हांलाकि अब ये मामला मुख्यमंत्री दरबार पहुंचा है जिसके बाद अधिकारी हरकत में आ रहे हैं।
नैनीताल शहर की जमीनों के कब्जों का मामला सीएम दरबार पहुंचा है। खुफिया एजंसियों के आगाह करने के बाद हाईकोर्ट के वकील नितिन कार्की और पालिका सभासद मनोज जोशी ने मुख्यमंत्री को पत्र दिया है। सरकारी जमीन पर विशेष समुदाय के अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई की मांग करते हुए इन लोगों को रोहिंग्या और बंगलादेशी होने की भी आशंका व्यक्त की है। स्थानीय लोगों के रोजगार पर हो रहे कब्जों पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया है कि रामपुर मुरादाबाद स्वार दडियाल सहारनपुर बिजनौर के लो भी शहर में पहचान छुपाकर रह रहे हैं और जगह जगह टीन सेड़ ठोककर सरकारी जमीनों पर मकान खड़ा कर रहे हैं। बीजेपी नेता व वकील नितिन कार्की ने कहा कि सरकारी जमीनों पर घुसपैठ कर कब्जे हो रहे है और स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी कब्जा हो रहा है पहचान छुपाकर रहने वाले ये लोग शहर के लिए खतरा हैं लिहाजा कार्रवाई जरूरी है।
आरोप है कि बाहरी लोग रेहड़ी पटरी लगाने से लेकर कबाड़ और टैक्सी का कारोबार कर रहे हैं। शहर के कृष्णापुर,बूचड़खाना,सूखाताल,हरिनगर,बारापत्थर, सीआरएसटी स्कूल के पिछे वाले इलाकों में इनकी तेजी से बसासत भी हुई है। बेरोकटोक आ रहे इन लोगों ने नैनीताल के साथ भीमताल भवाली के साथ रामगढ मुक्तेश्वर तक इन लोगों की नजरें हैं तो कई बार बाहरी लोग इन इलाकों में बड़ी घटनाओं को भी जन्म दे रहे हैं। हांलाकि सीएम दरबार पहुंचे इस मामले के बाद डीआईजी कुमाऊं ने कहा कि इस मामले में वो भी गंभीर हैं और जल्द कमिश्नर व डीएम के साथ संयुक्त बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।

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