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शहर के 1880 के भूस्खलन के साथ निर्माण की भी दी कोर्ट को जानकारी..

हाई कोर्ट ने देहरादून से लेकर नैनीताल के अधिकारियों से मांगे निर्देश..

नैनीताल :: मुख्यमंत्री की घोषणा सूखाताल झील पुनर्जीवित करने पर संकट आ गया है। नैनीताल के 100 से ज्यादा लोगों ने सूखाताल में काम रोकने को लेकर हाई कोर्ट को पत्र लिखा है जिसका संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस कोर्ट ने सरकार मुख्य सचिव,सचिव आपदा प्रबंधन, सचिव शहरी विकास,प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग, कमिश्नर कुमाऊं और डीएम समेत अन्य को याचिका की सुनवाई से पहले दस्तावेज सर्व करने को कहा है। कोर्ट से निर्देश मागे हैं कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 21 मार्च को करेगी, आपको बतादें कि सूखाताल पुनर्जीवित करने पर सरकार की योजना में कुछ शहर के लोगों से सवाल खड़े किए हैं और कहा की नैनीताल झील का कैचमेंट है और ऐसे निर्माण से खतरा झील ओर बन सकता है। याचिका में नैनीताल में अवैध निर्माण और 1880 के भूस्खलन में 151 लोगों की मौत हवाला भी दिया है और शहर में निर्माण की भी जानकारी दी है। याचिका में सूखाताल में हो रहे काम पर रोक लगाने की मांग की गई है।

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