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नैनीताल ::::- 1 दिसम्बर को डीएसबी परिसर द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल का स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का संचालन प्रो.ललित तिवारी निदेशक शोध एवं प्रसार कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा करते हुएं स्थापना दिवस की सभी प्राध्यापकों, शोध विधार्थियों, कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होने बताया कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल की स्थापना वर्ष 1973 हुई तथा 1 दिसंबर,1973 यह अस्तित्व में आया। कुमाऊँ विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ-साथ आज डीएसबी परिसर 19 जुलाई 1951 को तत्कालीन मुख्यमंत्री पण्डित गोविंद बल्लभ पंत की प्रेरणा से ठाकुर देव सिहं बिष्ट की दानशीलता से ठाकुर देव सिहं बिष्ट राजकीय महाविद्यालय के रूप में वेजेजली स्कूल भवन में हुई तथा कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल की स्थापना के बाद दोनो परिसर संघटक महाविद्यालय की प्रस्थिति में थें किन्तु 15 मार्च 1994 को जारी संशोधन से इन्हे विश्वविद्यालय के परिसरों के रूप में मान्यता प्राप्त हुई । कुमाऊँ विश्वविद्यालय की स्थापना को जंहा 49 वर्ष पूर्ण हुएं है वहीं डीएसबी परिसर की स्थापना को 72 वर्ष पूर्ण हो चूकें हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अथिति तथा ठाकुर दान सिंह बिष्ट के नाती सिद्धार्थ सिंह जिन्होंने स्नातक की शिक्षा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूर्ण करने के साथ ही विभिन्न देशों जैसे के साथ मिलकर एड्स तथा कोविड पर विशेष काम किया है।

इस कार्यक्रम मे प्रो.नीता बोरा शर्मा कुलानुशासक कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने सभी अतिथियों, शोध विधार्थियों, कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए स्वागत एवं अभिनन्दन किया। प्रो.एलएम जोशी निदेशक डीएसबी परिसर ने सभी अतिथियों कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा ठाकुर देव सिहं बिष्ट के नाती का स्वागत करतें हुएं सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कुमाऊँ विश्वविद्यालय तथा डीएसबी परिसर के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि ठाकुर देव सिहं बिष्ट द्वारा उस समय भूमि के दान के साथ -साथ 5 लाख रूपये भी महाविद्यालय की स्थापना के लिए दिए थें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ सिंह ने ठाकुर देव सिंह बिष्ट द्वारा किए गए विभिन्न नेक कार्यों का उल्लेख किया,उन्होंने नैनीताल से लेकर अन्य क्षेत्रों में किए गए सामाजिक कार्यों के विषय में बताया। कार्यक्रम में छात्रसंघ अध्यक्ष विशाल वर्मा ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के अन्त में प्रो.एलएस लोधियाल अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डीएसबी परिसर ने सभी प्राध्यापकों, शोध विधार्थियों, कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इस कार्यक्रम के आयोजन तथा कार्यक्रम के उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। स्वार्गिया देव सिंह बिष्ट की मूर्ति पर माल्यार्पण किया तथा कार्यक्रम में स्वर्गीय दान सिंह बिष्ट की फोटो पर माल्यार्पण कर फूल अर्पित किए गए।

दीप प्रज्वलन , विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ सिद्धार्थ सिंह को पुष्पगुच्छ तथा शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान कार्यक्रम में प्रो.एचसीएस बिष्ट, प्रो.अर्चना श्रीवास्तव,प्रो. सावित्री कैडा जंतवाल , प्रो.निर्मला ढैला , डाॅ.अर्चना श्रीवास्तव ,डॉ. प्रियंका रूवाली, डाॅ.सुषमा टम्टा,डाॅ.नीलू लोधियाल,डाॅ.विजय कुमार, डॉ.शशि पांडे, डॉ.ललित मोहन, डॉ.नवीन पांडे , डाॅ.ममता जोशी ,डाॅ.निधि वर्मा,डाॅ.कृतिका बोरा, अंकिता आर्या, पूजा जोशी, डॉ.दीपक मेलकानी, आस्था अधिकारी समेत अन्य लोग मौजूद रहें ।

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