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देहरादून: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले मिठाई खरीदने वालों को महंगाई का झटका लगा है। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीनी, घी, काजू, बादाम, पिस्ता और अन्य सामान की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देहरादून में मिठाइयों के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

देहरादून मिठाई एसोसिएशन ने करीब 120 मिठाई कारोबारियों के साथ बैठक के बाद मिठाइयों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह बढ़ोतरी दिवाली तक लागू रहने की बात कही गई है। अगर इस दौरान कच्चे माल की कीमतें और बढ़ती हैं तो दिवाली के आसपास मिठाइयों के दाम में फिर बदलाव किया जा सकता है।

चीनी 44 से बढ़कर 70 रुपये किलो

मिठाई बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमत में पिछले एक साल में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2025 में चीनी करीब 44 रुपये प्रति किलो थी…जो अगस्त 2026 में बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे मिठाई तैयार करने की लागत पर सीधा असर पड़ा है।

पिस्ते की कीमत में सबसे बड़ा उछाल

मेवा की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। देहरादून में काजू की कीमत करीब 800 रुपये से बढ़कर 1040 रुपये प्रति किलो हो गई है। बादाम गिरी 670 रुपये से बढ़कर 1050 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

पिस्ते की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी बताई गई है। अगस्त 2025 में करीब 1950 रुपये किलो बिकने वाला पिस्ता अब 4500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत में एक साल के दौरान 130 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

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घी, बेसन और दूध के दाम भी बढ़े

मिठाई कारोबार में इस्तेमाल होने वाला देसी घी 620 रुपये से बढ़कर 720 रुपये प्रति किलो हो गया है। वनस्पति घी की कीमत 140 से बढ़कर 170 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।

इसी तरह बेसन 80 से बढ़कर 85 रुपये और आटा 32 से बढ़कर 35 रुपये प्रति किलो हो गया है। दूध की कीमत भी 63 से बढ़कर 68 रुपये प्रति किलो हो गई है। छोटी इलायची, लाल मिर्च और चांदी के वर्क समेत दूसरे सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कुछ मिठाइयों के दाम भी बढ़े

कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर मिठाइयों पर भी दिखाई देने लगा है। उपलब्ध मूल्य सूची के अनुसार सोहन हलवा 1000 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये प्रति किलो हो गया है। आटा लड्डू और बेसन लड्डू की कीमत 600 रुपये से बढ़कर 680 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है।

हालांकि सभी मिठाइयों के दाम में कच्चे माल की कीमत के अनुपात में ही बढ़ोतरी हो, यह जरूरी नहीं है। कारोबारियों के अनुसार लागत बढ़ने का कुछ हिस्सा दुकानदार खुद वहन कर सकते हैं, जबकि कुछ भार ग्राहकों पर डाला जा सकता है।

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दिवाली तक लागू रहेगी 10 प्रतिशत बढ़ोतरी

मिठाई एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद गुप्ता के अनुसार, चीनी और अन्य जरूरी सामान की कीमत बढ़ने से मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। इसी को देखते हुए कारोबारियों की बैठक में मिठाइयों के दाम 10 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

उनके मुताबिक, फिलहाल यह बढ़ोतरी दिवाली तक रखने का फैसला हुआ है। यदि कच्चे माल की कीमतों में आगे और इजाफा होता है तो दिवाली के आसपास मिठाइयों के दाम की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।

ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर

त्योहारी सीजन में मिठाइयों के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर ग्राहकों के बजट पर पड़ेगा। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच मिठाई महंगी होने से त्योहार पर खरीदारी सीमित करनी पड़ सकती है।

मिठाइयों की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर

उधर, त्योहारों को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट में जांच की जा रही है।

टीमें खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज रही हैं। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।