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अल्मोड़ा :::- सोच संस्था और शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वाधान में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में मेंस्ट्रुअल हेल्थ, हाइजीन एन्ड अवेयरनेस विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हुआ।

प्रथम सत्र की अध्यक्षता प्रो. जया उप्रेती और सह अध्यक्ष प्रो. डी. एस. रहे। प्रो. डी. एस. बिष्ट ने संस्था को अपनी ओर से 5 हजार रुपए का अनुदान भी दिया।
द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र
प्रथम सत्र में सोच संस्था की ओर से हिमांशी भंडारी ने मासिक धर्म को लेकर समाज सामाजिक भ्रतियों को लेकर सभी छात्रों को संबोधित किया। तत्पश्चात प्रियंका सलाल द्वारा सैनिटरी पैड और मेंट्रुअल कप के इतिहास के बारे में जानकारी दी।
तत्पश्चात सोच संस्था की ओर से जितेंद्र बिष्ट ने संस्था द्वारा शिक्षा संकाय में किए गए सर्वे का डाटा एनालिसिस कर सभी के सामने उसका रिजल्ट प्रस्तुत किया।
मयंक पंत ने मेंस्ट्रुअल कप को बेहतर विकल्प के रूप में छात्रों के मध्य प्रस्तुत किया और छात्रों को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से सामाजिक भ्रांतियों को लेकर अवगत कराया।

द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रो. मधुलता नयाल के द्वारा की गई।
इसके बाद द्वितीय (तकनीकी) सत्र में महिला विशेषज्ञ डा. स्वेता चौहान ने मासिक धर्म से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर बात की और सभी छात्राओं को मेंस्ट्रुअल कप से अवगत करवाया। मेंस्ट्रुअल कप को इस्तेमाल करने के तरीकों और उसके फायदों के बारे में बताया। तत्पश्चात डॉ. स्वेता ने छात्राओं के प्रश्नों के जवाब भी दिए।

तृतीय सत्र की अध्यक्षता प्रो. निर्मला पंत ने की। इस सत्र में पीरियड सिमुलेशन एक्टिविटी, मासिक धर्म थीम रिलेटेड चित्रकला प्रतियोगिता, और तत्पश्चात छात्र छात्राओं ने अपने मासिक धर्म से जुड़े अनुभवों को छात्रों के साथ साझा किया। साथ ही इस सत्र में शोदार्थियों और अध्यापकों के द्वारा शोध पत्रों का वाचन भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम द्वारा किया गया।

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कार्यक्रम में सोच संस्था की ओर से अशीष पंत, राहुल जोशी, हिमांशी, जितेंद्र, कल्पना, प्रियंका,दीपिका, दीपाली, अभिषेक नेगी, प्रो. सुशील कुमार जोशी, प्रो. डी. एस. बिष्ट, प्रो. भास्कर चौधरी, प्रो. ममता असवाल, प्रो. अरविंद अधिकारी, डॉ. संगीता, डॉ. पारुल सक्सेना, डॉ. पूरन जोशी, डॉ. योगेश मैनाली, डॉ. रविंद्र नाथ पाठक, डॉ. देवेंद्र एवं शिक्षा संकाय के छात्र छात्राएं और शोधार्थी आदि मौजूद रहे।

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