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टिहरी : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के देवस्थानम बोर्ड को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है रविवार को देवप्रयाग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड का पहले भी तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया था…जिसके बाद इसे वापस लिया गया था…उनका आरोप है कि इस व्यवस्था को फिर से लागू करने की कोशिश धार्मिक परंपराओं और लोगों की भावनाओं के खिलाफ होगी।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि यदि सरकार दोबारा देवस्थानम बोर्ड लागू करने का प्रयास करती है…तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि मंदिरों के बेहतर प्रबंधन के लिए देवस्थानम बोर्ड जैसी व्यवस्था उपयोगी हो सकती है…उनका मानना है कि ऐसी व्यवस्था होने से कई विवादों से बचा जा सकता था।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।

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