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नैनीताल टाइम्स ::उत्तराखंड हाईकोर्ट ने समूचे उत्तराखंड सहित नैनीताल शहर में बंदरो व कुत्तों के बढ़ते आंतक से निजात दिलाने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कोर्ट की खण्डपीठ ने जिलाधिकारी नैनीताल को शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा है।
आज हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया कि कोर्ट के पूर्व के आदेशों का अनुपालन नही किया जा रहा जिसके चलते हल्द्वानी में कुत्तों के काटने से 1 बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी। जबकि मार्च माह में नैनीताल में 45 लोगों को आवारा कुत्तों ने काट लिया था। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने के अब तक क्या कदम उठाए गए है कितने कुत्तों का बधियाकरण किया गया है और कितनों को बाड़े में बंद किया है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 12 मई की तिथि नियत की है।
नैनीताल निवासी गिरीश चन्द्र खोलिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि नैनीताल शहर में कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक सैकड़ों लोगो को काट चुके है। जबकि कई लोगो की मौत भी हो चुकी है। कुछ समय पहले कुत्तों का बधियाकरण भी किया गया था बावजूद इसके इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। याचिकाकर्ता ने बंदरो और कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने की गुहार लगायी है।

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