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  • नैनीताल :: केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा देश के समस्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम RTE के तहत प्रशिक्षित करवाया गया था। 16 दिसम्बर को भारत सरकार व 6 जनवरी को राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने सभी राज्यों को लिखित आदेश जारी किया जिसके क्रम में उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने भी इन्हें 15 जनवरी को शिक्षक भर्ती में सम्मिलित करने का आदेश जारी किया जिसे बाद में 10 फरवरी को रद्द कर दिया गया।
    इस वजह से ये डीएलएड प्रशिक्षु कोर्ट की शरण मे गए एकल पीठ ने उन्हें इंटरिम रिलीफ प्रदान किया। जिसे कि पुनः सयुक्त पीठ में लम्बे समय से सुनने के बाद 28 अप्रैल 2022 को वर्तमान 2648 शिक्षक भर्ती काउंसिलिंग में सम्मिलित करने का आदेश दिया गया है। लगभग 20 दिन से भी ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक इनका आदेश जारी नहीं किया गया है जबकि ये प्रशिक्षु कई बार शिक्षा मंत्री से सकारात्मक कार्यवाही का भरोशा पा चुके हैं।
    प्रदेश अध्यक्ष नन्दन बोहरा का कहना है कि उच्च अधिकारियों व मंत्री को कई बार मिल चुके हैं लेकिन उन्हें आश्वाशन ही मिल रहा है। यदि यही रवय्या रहा तो आंदोलन की धार को और तेज किया जाएगा साथ ही हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट मे अपील भी की जाएगी ।
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