ख़बर शेयर करें -

जलागम समिति संस्थान सजगोड़ी अल्मोड़ा द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से हिमालय क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं विकास हेतु नैनीताल में 25 दिवसीय पारम्परिक लोक कलाओं के प्रशिक्षण के पश्चात 5 फरवरी 2022 को रामलीला मैदान शेर का डांडा नैनीताल में उत्तराखण्ड की लोक गाथा पर आधारित ” हरूहीत ” नाटक और पारम्परिक लोक गीत एवं लोक नृत्यों का मंचन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रामलीला कमेटी शेर का डांडा के अध्यक्ष खुशाल सिंह एवं विशिष्ट अतिथि रामलीला कमेटी के सचिव पूरन चन्द्र पांडे द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर जलागम समिति संस्थान के अध्यक्ष लाल सिंह ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ देवी वन्दना – नन्दा मैया तेरी जय जयकार से हुई । जिसके पश्चात एकल गीत लोकगीत, लोकनृत्य और कुमाऊँ की प्रसिद्ध लोकगाथा पर आधारित नाटक हरुहीत की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम का निर्देशन- पवन कुमार , सह निर्देशक पिंकी आर्य , नृत्य निर्देशन रिया टम्टा , संगीत निर्देशन अजय कुमार ने किया था । वाद्य यंत्र ढोल में धीरज कुमार , बासुरी वादन कैलाश , हुड़का वादन भुवन कुमार , हारमोनियम में धीरज कुमार थे । गीतकार अजय कुमार , ललित मोहन , कविता जोशी , रश्मि रावत थे । नृत्य कलाकार तान्या मेहरा , शीतल जायसवाल , महिपाल , जीवन सिंह बिष्ट , रूपा रावत , दीपा , नन्दीता सिंह , तन्नू रावत प्रत्यूश थे । कार्यक्रम का संचालन उमेश काण्डपाल ने किया।

यह भी पढ़ें 👉  छात्रसंघ चुनाव हल्द्वानी :: निर्दलीय प्रत्याशी रश्मि लमगड़िया ने 1294 वोटों से दर्ज की जीत, यहां देखें पूरा परिणाम