Ad
ख़बर शेयर करें -

हाईकोर्ट ने माना टेस्टिंग घोटाले में तीनों थे शामिल….तीनों की जमानत याचिकाएं हुई खारिज..

Ad

नैनीताल :: कुंम्भ में कोरोना जांच घोटाले के आरोपी मल्लिका पंत और शरत पंत और नलवा लैब के मालिक आशीष वशिष्ठ को जेल में ही रहना होगा हाईकोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना है कि इन दोनों में फर्जी जांच कर रिपोर्ट को सरकार के पोर्टल में अपलोड़ किया है। हांलाकि इस पूरे मामले में लाल चंदानी लैब का रोल नहीं मिला है। निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद तीनों आरोपियों ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। आपको बतादें की कुंम्भ में कोरोना जांच में बड़ा घोटाला सामने आया था जिसमें ऐसे लोगों की कोरोना जांच कर दी गयी जो कुंम्भ के दौरान हरिद्वार गए ही नहीं थे। हालांकि 17 जून 2021 को सीएमओ हरिद्वार से मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज,नलवा लैब व लाल चंदानी लैब पर मुकदमा दर्ज किया था। मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी,,बाद में सरकार ने जांच के दौरान धारा 467 को बढ़ा दिया और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। हांलाकि कोर्ट में ये कम्पनियां कहती रही की जांच उन्हौने नहीं की लेकिन 4 करोड़ का बिल मल्लीका पंत और शरत पंत ने सरकार को भेजा था…

Ad
Ad
यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी रेलवे अतिक्रमण मामला ::: अतिक्रमणकारियों को नही मिली कोई अंतरिम राहत
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments