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हल्द्वानी ::::- एडीबी संस्था द्वारा हल्द्वानी शहर के अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (समेकित अवसंरचना विकास) कार्यों की जिलाधिकारी वंदना ने कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में समीक्षा बैठक ली। लगभग 2200 करोड़ की लागत से शहर के समेकित अवसंरचना विकास हेतु टाटा कन्सलटेंसी इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है जिसमें सीवरेज सिस्टम, पानी की आपूर्ति के साथ ही शहर की निकासी, जल संरक्षण कार्य , परिवहन, सड़क अवसंरचना के कार्य किये जायेंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि डीपीआर के तहत शहर में लगने वाले सीसीटीवी व साइनेज में किसी प्रकार का गैप न हो इसके लिए पुलिस अधीक्षक यातायात, सिटी मजिस्ट्रेट व नगर आयुक्त संयुक्त रूप से डीपीआर का गहन अध्ययन व स्थलीय सर्वे करते हुए गैप को पूरा करना सुनिश्चित करें। डीपीआर में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे, इससे पूर्व ही सभी विभाग विस्तृत रिव्यू भी कर ले। इसके साथ ही हल्द्वानी बाईपास से भीमताल जंक्शन तक के सौंदर्यीकरण हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाने , कंसल्टेंसी को डीपीआर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित बेस्ट प्रैक्टिसेज के अनुप्रयोग व हल्द्वानी शहर के विकास हेतु लघुकालीक व दीर्घकालिक कार्यों का विस्तृत ब्यौरा देने के निर्देश दिए।

हल्द्वानी कुमाऊॅ का प्रमुख शहर है, जहाँ निकासी व सीवरेज की प्रमुख समस्या है। वर्तमान में शहर के समस्त क्षेत्र सीवरेज से नहीं जुड़े है, इस डीपीआर के माध्यम से शहर के सीवरेज व सेप्टिक टैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे सीवरेज का शुद्धिकरण एसटीपी टैंक का माध्यम से हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि हल्द्वानी शहरवासियों को सभी बेहतर व बुनियादी सुविधायें मिल सके, यह अर्बन अवसंरचना डेवलपमेंट का उद्देश्य है।
डीपीआर के तहत शहर के भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए हरित क्षेत्र के विकास हेतु सरकारी विद्यालयों, डिग्री कॉलेज व अन्य क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विकास किया जाए।
इस अवसर पर डीएफओ संदीप कुमार, मुख्य नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, कंसल्टेंसी से अर्बन विशेषज्ञ दीपांकर दत्ता, ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ अभिनय प्रसाद, आईटी एक्सपर्ट प्रदीप सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि अशोक चौधरी,कोषाधिकारी हेमचन्द्र कांडपाल, सिंचाई के एस बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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